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आन लाइन पेमेंट
आन लाइन पेमेंट गेटवे एलआईसी की ऐसी पहल है जो आपकी मांग पर आपको कंप्यूटर के कुछ बटन दबाकर सेवा प्रदान करती है. अब बहुत से काम जो पहले सि.र्फ शाखा कार्यालयों पर ही होते थे, आन लाइन आपकी उंगलियों के पोरों पर हो सकते हैं.
पेमेंट गेटवे( पीजी) पहल इस पेशकशका महत्तवपूर्ण अंग है. यह पोर्टल ऐन व.क्त पर की मा.र्फत नवीनी कर प्रीमियमों का ब.काया भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है. यह सुविधा सि.र्फ उन्हीं पंजीकृत ग्राहकों को उपलब्ध है जिन्होंने अपनी पालिसियों का पंजीकरण कराया है.
आप निम्न में से किसी भी बैंक का नेट बैंकिंग खाता उपयोग करके एलआईसी प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं:
- बैंक ऑफ इंडिया
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- पंजाब नेशनल बैंक
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- स्टेट बैंक ऑफ इन्दौर
- एचडीएफसी बैंक
- आईसीआईसीआई बैंक
- यूटीआई बैंक
- सिटी बैंक
- आईडीबीआई बैंक
- सेन्चुरियन बैंक ऑफ पंजाब (पूर्व नाम सेन्चुरियन बैंक)
- सेन्चुरियन बैंक ऑफ पंजाब ( पूर्व नाम बैंक ऑफ पंजाब)
- इंडसइंड बैंक
- एबीएन एएमआरओ बैंक
- कोटक बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- बैंक ऑफ बड़ौदा रिटेल नेट बैंकिंग बीबीआर
- बैंक ऑफ बड़ौदा कॉर्पोरेट नेट बैंकिंग बीबीसी
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- स्टेट बैंक ऑफ इंदौर
- स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
- स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर
- स्टेट बैंक ऑफ ट्रावनकोर
यह सुविधा सभी नॉनयूलिप पॉलिसीज़ पर उपलब्ध है. इस भुगतान सुविधा के तहत क्रेडिट कार्ड भुगतान स्वीकार्य नही हैं.
आप इस सुविधा का लाभ कैसे उठा सकते है, यहां प्रस्तुत है, इसका चरणबद्ध ब्योरा
- अपनी पालिसी ( पालिसियों) के पंजीकरण के बाद' पे प्रीमियम आन लाइन' लिंक पर क्लिक करके आप जान सकते हैं कि किन पालिसियों की प्रीमियमें ब.काया हैं.
- आपके पास उन पालिसियों के चुनाव विकल्प उपलब्ध होता है आप जिनकी प्रीमियमें भरना चाहते हैं.
- आप को एक ऐसे पेज पर ले जाया जायेगा जहां आप कई बैंकों में से प्रीमियम भुगतान के लिए अपनी पसंद की बैंक का चुनाव कर सकते हैं और उसके बाद आपको चुनिंदा बैंक के लागइन पेज पर ले जाया जायेगा. इसके लिए .जरुरी है कि इन बैंकों में से किसी बैंक में आपका नेट बैंकिंग खाता हो.
- बैंक की साइट पर आपको अपने नेट बैंकिग उपभोक्ता नाम/ पासवर्ड के साथ लागइन करना होगा. सफलता पूर्वक लागइन हो जाने के बाद एलआईसी को देय आपकी कुल र.कम डिसप्ले होने लगेगी.
- कृपया अपनी ब.काया राशि(जो डिसप्ले हो रही है) की पुष्टि कर लें और बैंक से लेन- देन की पुष्टि कर लें. लेन- देन संपन्न हुआ या नहीं, यह भी आपके कंप्यूटर की क्रीन पर दिखाई देगा.
- लेन- देन के सफलतापूर्वक संपन्न हो जाने पर अंको में हस्ताक्षरित ई- पावती तैयार की जायेगी और उसे आपके यहां ई- मेल कर दिया जायेगा लेन- देन का निस्पादन न हो पाने पर आपको उसकी सूचना दी जायेगी और उसके निस्पादन न हो पाने का कारण बताया जायेगा.
लाभ
- इसके बाद आपको सेवाप्रदाता के यहां फिर से पंजीकरण नहीं करना होता.
- भुगतान तििथ और पावती मिलने के बीच कोई समय नहीं जाता.
- यह अपेक्षाकृत सुरक्षित व्यवस्था है क्योंकि पालिसी संबंधी आकंड़ों की एलआईसी और बैंकों के बीच साझेदारी नहीं होती क्योंकि सि.र्फ देय र.कम का ही उल्लेख किया जाता है और उसी का स्थांतरण होता है. दोनों साइटों( एलआईसी और बैंक) का लागइन आईडी सि.र्फ आपको पता रहता है.
- और सबसे बड़ी बात यह कि इस सेवा का लाभ लेने के बदले आपसे कोई बदले आपसे कोई शुल्क नहीं किया जाता.
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